एक सोच

जिंदगी में इतना जियो की जियो सिम की जरुरत ना पड़े!

जिंदगी

जिंदगी में कितना कुछ सहना पड़ता है,अगर जिंदगी में बिना कुछ सहे ही कुछ मिल जाए तो कोई भला क्यों सहेगा थोड़ा कुछ, सच तो यही है दोस्तों चाहे कोई अभी माने या वर्षों बाद!

क्या कभी नहीं बदलेगी??

दोस्तों क्या जिंदगी ऐसे ही धक्का मार चलेगी,क्या कभी नहीं बदलेगी जिंदगी?कभी पहाड़ो पर झिलमिलाती धूप की तरह, तो कभी बरसते हुए बादलों की चाल की तरह,क्या कभी नहीं बदलेगी जिंदगी?कभी आसमान में छुपते निकलते तारों की तरह,तो कभी आँधियों में उड़ते उस समा की तरह क्या कभी नहीं बदलेगी जिंदगी?कभी गरजते हुए बादलों की तरह,तो कभी उठते हुए भवंडर की तरह क्या कभी नहीं बदलेगी जिंदगी?कभी उस रोते हुए नन्हे बालक की तरह,तो कभी उस सहमी हुई जान की तरह क्या कभी नहीं बदलेगी जिंदगी?क्यों ना बदलेगी जिंदगी हर हाल में बदलेगी ये जिंदगी!रोशन हुए दिए की तरह,सूरज के प्रकाश की तरह,तो कभी आई हुई ख़ुशी की तरह अब बदलेगी जिंदगी! कभी दौड़ते हुए उस धावक की तरह,तो कभी गिरकर उठते हुए उस शेयर की तरह अब बदलेगी जिंदगी हर हाल में!!

कभी तृप्त ना हो

बापू जी के बारे में जितना भी लिखा जाए, सुनाया जाए, कहा जाए, विश्लेषण किया जाए, या चिंतन किया जाए,यह सब कभी तृप्त ना होने जैसा पैगाम है जो हमें सदियों तक इसका ऐहसास कराता रहेगा। कि कभी ऐसा व्यक्तित्व भी हुआ था जिसने दूसरों के लाभ के लिए स्वयं को तकलीफों में घिरा रक्खा।

एक संदेश 

​🍁अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस🍁

1.मरने के हमारे पास हजार कारण हैं,परन्तु मारने का हमारे पास एक भी कारण नहीं है।

2.शांति कोई मार्ग नहीं किन्तु शांति स्वयं एक मार्ग है।

3.हिंसा देने के बाद लाभ जो होता है वह स्थाई अहिंसा या स्थाई लाभ नहीं होता है।

दीर्घ कालीन लाभ हमें अहिंसा से ही मिलेगा।

4.हमसे कोई प्रेम नहीं करता तो भी हमें उसके प्रति आदर का भाव रखना होगा,उसकी बात को रखने का मौका देना होगा,हमें उसकी बात को अभिव्यक्त करना होगा।

5.गांधी जी की बात में अभय है।

दया की भीख मांगने वाला अहिंसक नहीं हो सकता।

6.अहिंसा सबसे बड़ी नैतिकता है।

7.जीवित वही रहता है जो अनुकूलन(धैर्य धारण)कर सकता है।

8.कभी कभी हिंसा भी अहिंसा की ओर ले जाती है।कभी कभी बुराई अच्छाई की ओर ले जाती है।

उपदेश

आप सभी इस बात से भलीभाँति परिचित हैं कि महात्मा गान्धी जैसा पुरुष अभी तक नहीं हुआ क्यों,क्योंकि उनके अंदर एक पवित्रता थी,सच्चाई थी,समता थी,अहिंसा थी,दयालुता थी,प्रेम था,विशवास था,जुनून था कि एक दिन यकीनन भारत आजाद होगा कब और कैसे ये तो शायद वो भी अच्छे से न जानते हो पर उनके चरित्र के कारण ये सब सम्भव हुआ और आज भारत आजाद है,उनके अंदर एक और अच्छाई थी वो जिस चीज को स्वयं करते थे उसको ना करने का आदेश या उपदेश कभी किसी को नहीं दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व को हमारा सत् सत् नमन🙏👮